ऋणमुक्ति
🔴श्री नृसिंह जयंती🔴
इस दिन करें ऋणमुक्ति का अद्भुत उपाय
भगवान का नरसिंह का अवतार भगत प्रह्लाद के उद्धार के लिए हुआ है वैशाख शुक्ल चतुर्दशी को प्रदोष काल मे भगवान ने अवतार लिया।
वे लोग जो ऋण आदि के भयंकर जाल में फसे हैं वो भी इस दिन दीन भाव से भगवान की आराधना करें।
भगवान नरसिंह के सौम्य स्वरूप का चित्र लगाएं, माता लक्ष्मी उनकी गोद मे हों या प्रह्लाद पर प्रभु की प्रेम भारी दृष्टि वाला चित्र लें। डरावने और हिंसक भाव भंगिमाओं वाले चित्र घर मे न लगाएं।
शुद्ध घी का दिया लगायें
भगवान का षोडशोपचार पूजन करें
चंदन और हल्दी से भगवान का अर्चन और श्रृंगार करें।
गुड़ और सौंठ को मिक्स करके भोग लगाएं।
माता लक्ष्मी और नृसिंह भगवान के सामने यथाशक्ति संख्या में नित्य पाठ का संकल्प लेकर, इस ऋणमोचक नरसिंह स्तोत्र का पाठ करें।
कम से कम 45 दिन पाठ का संकल्प लें, और प्रयास करें कि पाठ प्रतिदिन एक निश्चित समय मे ही करें।
श्री ऋणमोचक नृसिंह स्तोत्र
देवानां कार्यसिध्यर्थं सभास्तम्भसमुद्भवम् ।
श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥ १॥
लक्ष्म्यालिङ्गितवामाङ्गं भक्तानामभयप्रदम् ।
श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥ २॥
प्रह्लादवरदं श्रीशं दैतेश्वरविदारणम् ।
श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥ ३॥
स्मरणात्सर्वपापघ्नं कद्रुजं विषनाशनम् ।
श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥ ४॥
अन्त्रमालाधरं शङ्खचक्राब्जायुधधारिणम् ।
श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥ ५॥
सिंहनादेन महता दिग्दन्तिभयदायकम् ।
श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥ ६॥
कोटिसूर्यप्रतीकाशमभिचारिकनाशनम् ।
श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॥ ७॥
वेदान्तवेद्यं यज्ञेशं ब्रह्मरुद्रादिसंस्तुतम् ।
श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये ॐ ॥ ८॥
इदं यो पठते नित्यं ऋणमोचकसंज्ञकम् ।
अनृणीजायते सद्यो धनं शीघ्रमवाप्नुयात् ॥ ९॥
॥ श्रीनृसिंहपुराणे ऋणमोचनस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥
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