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Showing posts from October, 2025

Deepawali 1

निम्नलिखित मंत्रो का जप माला अथवा बिना माला के भी यथासंभव जाप करें। १..ॐ ऐं हीं श्रीं अष्टलक्ष्म्यै नमः। २..ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः। ३..ॐ ऐं हीं श्रीं क्ली ह्रसौ: जगतप्रसूत्यै श्रियै नमः। ४..ॐ ह्री लक्ष्म्यै दुर्भाग्यनाशिनी, सौभाग्य प्रदायिनी श्रीं नमः। ६- ॐ श्रींं श्रींं सहस्त्ररुपा सर्वव्यापी लक्ष्मी सिद्धये श्रींं श्रींं ॐ नमः। ७..ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं लक्ष्मीरागच्छागच्छ मम् मन्दिरे तिष्ठ तिष्ठ नमः। ८..श्रीं ह्रीं श्रींं कमले कमलालयै प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः। ९..ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय -अष्टलक्ष्मी मम् गृहे धनम् पूरय पूरय नमः। १०..ॐ ह्री कमलायै सर्वसुखदायिनी कष्टनाशिनी कमलायै श्रीं नमो नमः। ११..ॐ ऐं हीं श्रीं भगवती त्रिपुरालक्ष्म्यै मम सर्वकार्य सिद्धिम् देहि देहि काम्यलक्ष्म्यै नमः। १२.ॐ ऐं ह्रीं श्रीं श्रियै नमो भगवती मम समृद्धौ ज्वल ज्वल मां सर्वसम्पदं देहि देहि ममअलक्ष्मी नाशय हुं फट् स्वाहा। १३...ॐ नमो भगवत्यै लोकवशीकरमोहिन्यै, ॐ ईं ऐं श्रीं ह्रीं श्रीं आदिलक्ष्मी, सन्तानलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, व...

Dhanteras

धनतेरस के दिन के सबसे प्रभावशाली उपाय??? धनतेरस (Dhanteras) साल में आने वाला धन और समृद्धि का पर्व है, जो दीपावली से दो दिन पहले मनाया जाता है। यह दिन धन की देवी माँ लक्ष्मी और धन्वंतरि भगवान की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। अगर आप चाहते हैं कि घर में अच्छा पैसा टिके, किस्मत खुले और व्यापार बढ़े, तो नीचे दिए गए प्रभावी धनतेरस उपाय (Dhanteras ke Upay) ज़रूर करें 👇  1. माँ लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करें... धनतेरस की शाम प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद लगभग 5:30 से 8:30 बजे के बीच) में माँ लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा करें। विधि:... लाल या पीले कपड़े पहनें। चांदी या मिट्टी के दीपक में घी या तिल का तेल जलाएं। देवी लक्ष्मी को कमल फूल, चावल, शक्कर और खील-बताशे चढ़ाएँ। “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। 👉 इससे घर में धन का प्रवाह और स्थिरता बढ़ती है। 2. नया बर्तन या धातु खरीदना शुभ होता है... धनतेरस पर धातु (सोना, चांदी, पीतल, तांबा, या स्टील) का कोई सामान खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। अगर सोना-चांदी न खरीद सकें, तो कोई छोटा चांदी का सिक्का या स्ट...

श्री विष्णु दरिद्रनाशक स्तोत्र

॥ श्री विष्णु दरिद्रनाशक स्तोत्रम् ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। नमस्ते पुरुषोत्तमाय, नमस्ते प्रियतामाय, नमो नमः। नमः शंखचक्रगदापद्मधराय, नमो विष्णवे। त्वमेव सृष्टिकर्ता च पालकश्च हरः प्रभो। त्वमेव सर्वभूतानां नाथो नित्यं जनार्दन॥ दुःखदारिद्र्यनाशाय सुखसमृद्धिदायक। त्वं भवसागरपारं नय मां माधव गोविंद॥ अनाथोऽस्मि जगन्नाथ त्राहि मां शरणागतम्। न मेऽस्ति गतिर्देव त्वं मे गतीः केवलम्॥ यस्य स्मरणमात्रेण दारिद्र्यं नैव तिष्ठति। स गोविन्दो मम नाथो दामोदरः कृपालवः॥ नारायणो जगन्नाथो लक्ष्मीकान्तो जनार्दनः। तुष्टो यदि भवेद्देवो दरिद्रता न शोभते॥ 🔱 फलश्रुति (फल विधान) जो व्यक्ति इस स्तोत्र का गुरुवार के दिन प्रातःकाल स्नान कर, पीले वस्त्र धारण कर, श्रीविष्णु और लक्ष्मीजी के समक्ष दीपक जलाकर श्रद्धा से पाठ करता है — उसके जीवन से दरिद्रता, दुःख, ऋण, और अपयश दूर होकर धन, सुख, शांति और समृद्धि का स्थायी वास होता है। 🙏 पाठ विधि 1. गुरुवार को प्रातः स्नान कर के विष्णु-लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के सामने बैठें। 2. पीले पुष्प, चने की दाल, गुड़ का भोग अर्पण करें। 3. दीपक जलाकर यह स्तोत्र 3 बार पढ़ें। 4. अंत मे...