Maha Mantunjaya Mantra

महामृत्युंजय 𝗺𝗮𝗻𝘁𝗿𝗮 𝘀𝗮𝗻𝗷𝗶𝘃𝗶𝗻𝗶 𝗺𝗮𝗻𝘁𝗿𝗮 𝗸𝗮𝗶𝘀𝗲 𝗵𝗮𝗶?

#thread 
महामृत्युंजय मन्त्र (लघु) मंत्र 

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् 

महामृत्युंजय संजीवनी मंत्र
ॐ ह्रौं ॐ जूँ ॐ सः ॐ भूः ॐ भुवः ॐ स्वः । ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनं । उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् । ॐ स्वः ॐ भुवः ॐ भूः ॐ सः ॐ जूँ ॐ ह्रौं ॐ ।

महामृत्युंजय मंत्र के अन्य रूप एवं अर्थ
 उपासना में महामृत्युंजय मंत्रों का जाप किया जाता है। इसमें कौन-कौन से मंत्र जपे जाते हैं यह तथ्य सर्व साधारण के लिए जान लेना अत्यधिक आवश्यक है इसलिए ध्यान दें कि-

महामृत्युंजय एकाक्षरी मंत्र 'ह्रौं' |
महामृत्युंजय का त्र्यक्षरी मंत्र 'ॐ जूं सः'। महामृत्युंजय का चतुरक्षरी मंत्र 'ॐ वं जूं सः'। महामृत्युंजय का नवक्षरी मंत्र' ॐ जूं सः पालय पालय' ।
महामृत्युंजय का दशाक्षरी मंत्र 'ॐ जूं सः मां पालय पालय'।
इस मंत्र का स्वयं के लिए जप इसी भाँति होगा। यदि किसी अन्य व्यक्ति के लिए यह जाप किया जा रहा है तो 'मां' के स्थान पर उस व्यक्ति का नाम लें।
महामृत्युंजय का पंच दशाक्षरी मंत्र - 'ॐ जूं सः मां (या महामृत्युंजय का द्वात्रिंशाक्षरी मंत्र वेदोक्त मंत्र है जो कि अमुक) पालय पालय सः जूं ॐ।'

किसी अन्य व्यक्ति के लिए यह जप किया जा रहा हो तो 'मां' के स्थान पर उस व्यक्ति का नाम लें।

त्र्यम्बकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्युयोर्मुक्षीय मामृतात ॥

Comments

Popular posts from this blog

nilmathPuran-kashmir

Dhanteras

ऋणमुक्ति