108 Durga Ma Name
माता दुर्गा 108 नाम
नवरात्र में वैसे बहुत सारे स्तोत्र पाठ किये जा सकते हैं पर अगर समय का अभाव हो या पाठ आदि करने में कोई समस्या ही तो बस अब भगवती के 108 नामों का पाठ करें और उनसे अर्चन करें।
ग्रह/नक्षत्र शान्ति के लिए आप सम्बंधित ग्रहों की सामग्री से माता का अर्चन कर सकते हैं।
ॐ श्रियै नमः
ॐ उमाये नमः
ॐ भारत्यै नमः
ॐ भद्रायै नमः
ॐ शर्वाण्यै नमः
ॐ विजयायै नमः
ॐ जयायै नमः
ॐ वाण्यै नमः
ॐ सर्वगतायै नमः
ॐ गौर्यै नमः
ॐ वाराह्ये नमः
ॐ कमलप्रियायै नमः
ॐ सरस्वत्यै नमः
ॐ कमलाये नमः
ॐ मायायै नमः
ॐ मातंग्यै नमः
ॐ अपराये नमः
ॐ अजाये नमः
ॐ शांकभर्यै नमः
ॐ शिवायै नमः
ॐ चण्डये नमः
ॐ कुण्डल्यै नमः
ॐ वैष्णव्यै नमः
ॐ क्रियायै नमः
ॐ श्रिये नमः
ॐ ऐन्द्रयै नमः
ॐ मधुमत्यै नमः
ॐ गिरिजाये नमः
ॐ सुभगायै नमः
ॐ अंबिकायै नमः
ॐ तारायै नमः
ॐ पद्मावत्यै नमः
ॐ हंसायै नमः
ॐ पद्मनाभसहोदर्यै नमः
ॐ अपर्णायै नमः
ॐ ललितायै नमः
ॐ धात्र्यै नमः
ॐ कुमार्यै नमः
ॐ शिखवाहिन्यै नमः
ॐ शांभव्ये नमः
ॐ सुमुख्यै नमः
ॐ मैत्र्यै नमः
ॐ त्रिनेत्राये नमः
ॐ विश्वरूपिण्यै नमः
ॐ आर्यायै नमः
ॐ मृडान्यै नमः
ॐ हींकार्यै नमः
ॐ क्रोधिन्यै नमः
ॐ सुदिनायै नमः
ॐ अचलायै नमः
ॐ सुक्ष्माये नमः
ॐ परात्पराये नमः
ॐ शोभायै नमः
ॐ सर्ववर्णायै नमः
ॐ हरप्रियायै नमः
ॐ महालक्ष्म्यै नमः
ॐ महासिद्ध्यै नमः
ॐ स्वधाये नमः
ॐ स्वाहाये नमः
ॐ मनोन्मन्यै नमः
ॐ त्रिलोकपालिन्यै नमः
ॐ उद्भूताये नमः
ॐ त्रिसन्ध्यायै नमः
ॐ त्रिपुरान्तये नमः
ॐ त्रिशक्त्यै नमः
ॐ त्रिपदायै नमः
ॐ दुर्गायै नमः
ॐ ब्राह्मयै नमः
ॐ त्रैलोक्यवासिन्यै नमः
ॐ पुष्कराये नमः
ॐ अत्रिसुतायै नमः
ॐ गुढ़ायै नमः
ॐ त्रिवर्णायै नमः
ॐ त्रिस्वरायै नमः
ॐ त्रिगुणायै नमः
ॐ निर्गुणायै नमः
ॐ सत्यायै नमः
ॐ निर्विकल्पाये नमः
ॐ निरंजिन्यै नमः
ॐ ज्वालिन्यै नमः
ॐ मालिन्यै नमः
ॐ चर्चायै नमः
ॐ क्रव्यादोप निवर्हिण्यै नमः
ॐ कामाक्ष्यै नमः
ॐ कामिन्यै नमः
ॐ कान्तायै नमः
ॐ कामदायै नमः
ॐ कलहंसिन्यै नमः
ॐ सलज्जाये नमः
ॐ कुलजायै नमः
ॐ प्राज्यै नमः
ॐ प्रभायै नमः
ॐ मदनसुन्दर्यै नमः
ॐ वागीश्वर्यै नमः
ॐ विशालाक्ष्यै नमः
ॐ सुमंगल्यै नमः
ॐ काल्यै नमः
ॐ महेश्वर्यै नमः
ॐ चण्ड्ये नमः
ॐ भैरव्यै नमः
ॐ भुवनेश्वर्यै नमः
ॐ नित्यायै नमः
ॐ सानन्दविभवायै नमः
ॐ सत्यज्ञानायै नमः
ॐ तमोपहायै नमः
ॐ महेश्वरप्रियंकर्यै नमः
ॐ महात्रिपुरसुन्दर्यै नमः
ॐ दुर्गापरमेश्वर्यै नमः
॥ इति दुर्गाष्टोत्तरशत नामावलिः ॥
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